घोरावल तहसील क्षेत्र के सेमरवार गांव में बाढ़ से कड़िया तालाब का खेतो में जलकुंभी।
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सोनभद्र जिले में घोरावल कोतवाली क्षेत्र के सेमरवार गांव में कड़िया तालाब में बाढ़ से खेतों में जलकुंभी भर जाने से 23 किसानों की करीब 100 बीघा धान की फसल नष्ट हो गई है। इससे फसल को क्षति पहुंची है। पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते मुआवजे की मांग की है।
फसल तबाही की जानकारी होने पर घोरावल भाजपा मंडल अध्यक्ष अरूण पांडेय, उमाशंकर दुबे व दिनेश पटेल ने किसानों से मुलातकर नुकसान की जानकारी ली। कड़िया अट्ठाइस क्षेत्र में सेमरवार गांव में महोखर, पुरना, सेमरवार, मुक्खा, करसोता व फुलवारी के करीब दो दर्जन किसानों का खेत कड़िया तालाब से सटा है। तालाब में बड़े पैमाने पर जलकुंभी के पौधे हैं। बीते दिनों हुई भारी बारिश से कड़िया तालाब ओवरफ्लो करने लगा।
इससे कड़िया तालाब के पानी के साथ भारी मात्रा में जलकुम्भी खेतों में घुस गया इससे खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। सेमरवार निवासी आशा का 10 बीघा, महोखर के गोवर्धन गुप्ता का 7.5 बीघा, सेमरवार इकबाल अहमद का 10 बीघा, करसोता के राजवन 1.5 बीघा, गुलजार का 1.5 बीघा, रमजान का 1.5 बीघा, खुर्शीद का 1.5 बीघा, प्रभावती का 1.5 बीघा, बतसवा 1.5 बीघा, पुरना निवासी विनोद कुमार का 3 बीघा,मनोज कुमार का 3 बीघा समेत 23 किसानों के 100 बीघा फसल को नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार को प्रभावित किसानों ने घोरावल विधायक डॉ अनिल कुमार मौर्या से मुलाकात कर व्यथा सुनाई, जिस पर विधायक ने किसानों को राजस्व विभाग से बात कर मुआवजे की कार्यवाही का आश्वासन दिया।