सोनभद्र। दक्षिणांचल से रोजी-रोटी की जद्दोजहद में गैर जनपद गए व्यक्तियों और उनके परिवारीजनों के लिए सोमवार का दिन दर्द भरा रहा। रोजी-रोटी कमाकर घर लौटते समय मारकुंडी घाटी में हुए हादसे ने जहां चार परिवारों की खुशियां छिन ली। वहीं 42 परिवार दर्द में डूब गए। घटनास्थल से लेकर जिला अस्पताल तक देर तक चीख-पुकार मची रही।
हालात को देखते हुए सरकारी तंत्र के साथ ही लोगों ने भी तेजी से मदद के हाथ बढ़ाए। वहीं इंस्पेक्टर चंद्रप्रकाश पांडेय की अगुवाई वाली टीम ने जहां तत्परता दिखाते हुए घायलों को अस्पताल भेजा। वहीं सीएमओ एसपी सिंह, सीएमएस पीबी गौतम तथा डॉक्टरों की टीम तन्मयता से घायलों के इलाज में जुटी रही। डीएम अमित कुमार सिंह, एएसपी मुख्यालय अरूण कुमार दीक्षित, एएसपी आपरेशन डा. अवधेश सिंह भी अस्पताल में देर रात तक घायलों के उपचार और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ट्रामा सेंटर भेजवाने में लगे रहे।
भाजपा जिलाध्यक्ष सहित अशोक मिश्रा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग भी घायलों की मदद के लिए पहुंचे रहे। उपचार के लिए भर्ती मरीजों के लिए कंबल की भी व्यवस्था कराई गई। बताते चलें कि दुद्धी और विंढमगंज थाना क्षेत्र के 46 मजदूर अदलहाट थाना क्षेत्र के सुरहाभाईपुर गांव में एक किसान के यहां मजदूरी के लिए गए हुए थे। मजदूरी के बाद ट्रक पर मजदूरी में मिले अनाज के साथ वापस हो रहे थे। मारकुंडी घाटी पहुंचे ही थे कि हादसा हो गया। किसान का नाम नीरज बताया जा रहा है।