ओबरा। तापीय परियोजना के अ ताप विद्युत गृह के स्क्रैप यार्ड में रखे स्क्रैप मैटेरियल की ढुलाई की आड़ में लोहे के पाइप के अंदर पीतल के सामानों को भरकर ट्रक पर लादते समय मंगलवार को सीआईएसएफ के जवानों ने पकड़ लिया। इससे परियोजना में हड़कंप मच गया।
सीआईएसएफ इंस्पेक्टर महावीर सिंह की तहरीर पर ओबरा पुलिस ने बुधवार को 147 किलोग्राम पीतल के स्क्रैप सामान बरामद करते हुए ट्रक को सीज कर दिया। साथ ही फर्म के मालिक सहित मैनेजर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दिया है। सीआईएसएफ के इंस्पेक्टर आरके सिंह ने बताया कि मेसर्स जय मां विंध्यवासिनी इंटरप्राइजेज ओबरा को बीते 25 अप्रैल को स्क्रैप ढुलाई का आर्डर मिलने के बाद 14 मई को ट्रक संख्या यूपी 64 एच 1607 पर डिलेवरी आर्डर में दर्शाए गए स्क्रैप मटेरियल की कटिंग कर लोडिंग कराई जा रही थी।
इस दौरान मौके पर तैनात जवान एसके राय ने संदेह होने पर अन्य लोडिंग विटनेस के तौर पर तैनात सदस्यों को जानकारी दी और लोडिंग कार्य को रोकवा दिया। जांच के दौरान उन पाइपों को गैस कटर से कटवाने पर लोहे के पाइपों के अंदर छिपाकर परियोजना से बाहर ले जाने का प्रयास मानते हुए कुल 147 किलोग्राम पीतल के स्क्रैप सामग्री बरामद किया गया। इसकी अनुमानित मूल्य करीब 50 हजार बताया जा रहा है। इंस्पेक्टर महावीर सिंह की तहरीर पर ओबरा पुलिस ने फर्म के मालिक शैलेंद्र दुबे, मैनेजर दिनेश तिवारी दोनों निवासी राम मंदिर कालोनी ओबरा के खिलाफ आईपीसी की धारा 379 व 511 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। ओबरा पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।