सूदखोरों पर नकेल नहीं लग पा रही है। एनसीएल की बीना परियोजना में डंपर चालक रामलाल पनिका ने तीन सूदखोरों से कुल दो लाख रुपये करीब एक साल पहले लिया। बीना स्थित एसबीआई की शाखा में रामलाल के खाते में जैसे ही 10 नवंबर को वेतन आया। सूदखोरों ने मंगलवार की दोपहर रामलाल को पकड़ लिया। उसकी पासबुक, चेक को हथियाने के बाद उससे जबरिया चेक पर हस्ताक्षर कराने के बाद छोड़ दिया। रामलाल के जाने के बाद सूदखोरों ने उसके खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिया। इस बात की भनक जब रामलाल के दो पुत्रों को हुई तो वे सूदखोरों के पास पहुंच गए। इस बात को लेकर सूदखोरों व दोनों भाइयों के बीच जमकर मारपीट हुई। रामलाल ने बताया कि तीन सूदखोरों का ब्याज मिलाकर उस पर करीब तीन लाख रुपये बकाया है। रामलाल को यह भी नहीं मालूम कि उससे कितना ब्याज वसूला जा रहा है। यह एक मामला नहीं है। इस तरह के अकेले एनसीएल की बीना परियोजना में दो दर्जन से अधिक मामले हैं। बीना पंजीयन ही ब्याज पर रुपये बांटने वालों की ऊर्जांचल में बाढ़ सी आ गई है। इन लोगों पर न तो पुलिस ही शिकंजा कस रही और न ही बैंक प्रशासन ही कोई दबाव बना रहा है।
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पुलिस सूदखोरों पर नकेल कसने को तैयार है लेकिन पीड़ित लोग इसकी सूचना तो दें। दरअसल कर्ज के बोझ तले दबने के बाद लोग सूदखोरों को हर जुल्म सहते रहते हैं। यदि पीड़ितों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई तो जरूर विधिक कार्रवाई होगी। - राहुल मिश्रा, क्षेत्राधिकारी, पिपरी, सोनभद्र।