साइबर क्राइम के शिकार सिंचाई निर्माण खंड के सहायक अभियंता राजेश की तहरीर पर अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ। पीड़ित एई बैंक और कोतवाली का चक्कर लगाकर थक गया है।
चार जून 2018 की शाम करीब पांच बजे किसी ने सिंचाई निर्माण खंड के एई राजेश पांडेय के मोबाइल पर कॉल कर कहा कि मैं एसबीआई का मैनेजर मुंबई से बोल रहा हूं। आपका खाता नंबर बंद कर दिया गया है, क्योंकि आपके द्वारा केवाईसी नहीं किया गया है। खाता चालू कराने के लिए आपको आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर एवं एटीएम नंबर उपलब्ध कराना होगा। उसके झांसे में आकर एई ने उसे सब कुछ बता दिया। कुछ देर बाद एई के मोबाइल में एसबीआई का मैसेज आया कि खाते से 41708 रुपये निकाल लिया गया है। सहायक अभियंता ने पांच जून को भारतीय स्टेट बैंक शाखा राबर्ट्र्सगंज में घटना की सूचना देने के साथ ही छह जून को कोतवाली में तहरीर दी। पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सिटी सीओ विवेकानंद तिवारी ने कहा कि धोखाधड़ी कर एई के खाते से रुपये निकालने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। फिर भी इसकी जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।