अनपरा। शक्तिनगर परिक्षेत्र में कोयला चोरों का रैकेट फिर से सक्रिय हो गया है। एनसीएल की कोयला खदानों से लैंको अनपरा सी परियोजना के लिए रेल रैक से आना वाला कोयला रास्ते में उतार लिया जा रहा है। शक्तिनगर से लेकर अनपरा के बीच में 30 से 40 की संख्या में कोयला चोरों का सिंडिकेट रेल रैक का हौज पाइप खोलकर 15 से 20 मीट्रिक टन कोयला चुरा ले रहे हैं। शक्तिनगर थाने के कुछ पुलिसकर्मी और एनसीएल के सुरक्षाकर्मी सब कुछ जानते हुए चुप बैठे हैं। लगातार कोयला चोरी होने के बाद बेबस परियोजना प्रबंधन ने प्रशासन और पुलिस के अफसरों को पत्र भेजकर कोयला चोरी पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
लैंको के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मानव संसाधन एसके द्विवेदी ने बताया कि शक्तिनगर परिक्षेत्र स्थित कोयले के परिहवन के दौरान रेलवे रैक से 25 से 30 की संख्या में कोयला चोर रेल रैक का हौज पाइप खोल दे रहे हैं। 15 से 25 मीट्रिक टन प्रति रैक कोयला उतार ले रहे हैं। इससे विद्युत गृह के संचालन में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। चोरी की सूचना समय-समय पर पुलिस को दे रहे हैं। मगर चोरों के गिरोह पर रोक नहीं लग पा रहा है। कहा कि 27 सितंबर को औद्योगिक बैठक में कोयला चोरी पर चर्चा की गई थी। पिपरी के क्षेत्राधिकारी राहुल मिश्रा का कहना है कि कोयला चोरी उनके संज्ञान में नहीं है मामले को संज्ञान में लेकर जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा कर्मियों पर भारी पड़ रहे कोयला चोर
अनपरा: लैंको प्रबंधन ने कोयला चोरी पर रोक लगाए जाने के लिए सुरक्षा कर्मियों का एक दस्ता ट्रेन के साथ लगा रखा है। मगर एक साथ दर्जनों की संख्या में चोर (शक्तिनगर परिक्षेत्र में) ट्रेन की हौज पाइप खोल देते हैं। जहां सुरक्षा कर्मी भौगोलिक स्थित को देखते हुए असहाय हो जाते हैं। सुरक्षा कर्मियों के विरोध करने पर चोर ईंट पत्थर चलाने लगते हैं। चोरी में एक बड़े गिरोह का हाथ है जो बड़े पैमाने पर रेलवे रैक से प्रतिदिन कोयला की चोरी कराता है। कार्रवाई न होने से कोल माफियाओं का जहां हौसला बुलंद है वहीं प्रबंधन को निराशा हाथ लगी है।