सोनभद्र। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नेत्रपाल सिंह की अदालत ने पिपरी में वर्ष 2015 के बहुचर्चित इम्तियाज प्रकरण को लेकर पिपरी के तत्कालीन एसओ अबरार अहमद और इम्तियाज की तलाकशुदा पत्नी शर्मिली को तलब किया है। दोनों पर षडयंत्र रचते हुए आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप पाया गया है। सुनवाई के लिए सात मार्च की तिथि मुकर्रर की गई है।
अधिवक्ता रमेश देव पांडेय के जरिए कोर्ट में दाखिल परिवार में पिपरी निवासी साहिद जमाल ने कहा है कि उनके बड़े भाई इम्तियाज अहमद ने शर्मिली खातून से कोर्ट मैरिज की थी। शर्मिली द्वारा पूर्व में हुए विवाह को छिपाकर कोर्ट मैरिज की जानकारी मिलने के बाद गत आठ दिसंबर 2014 को दोनों में तलाक हो गया। आरोप है कि इसके बाद शर्मिली के अबरार से अच्छे ताल्लुकात हो गए। इसके बाद थानाध्यक्ष रहे अबरार की तरफ से इम्तियाज को कई बार प्रताड़ित किया गया। इस पर इम्तियाज ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल कर अबरार और शर्मिली के विरुद्ध प्राथमिकी का आदेश देने की गुहार लगाई। आरोपों के मुताबिक इससे खफा अबरार ने गत तीन जून 2015 को शर्मिली और उसके घर वालों ने उसके दुकान में घुसकर उसकी पिटाई कर दी। उसी दिन शाम को अबरार अहमद ने एक दरोगा और सिपाही को इम्तियाज को पकडने के लिए भेजा। इम्तियाज थाने जाने से मना किया तो पुलिसकर्मियों ने उसे पीटा। अचानक लोगों ने देखा कि इम्तियाज आग की लपटों में घिरा हुआ बाहर आया और गिर गया। उपचार के लिए बीएचयू ले जाया गया, जहां चार जून 2015 की रात मौत हो गई। अधिवक्ता की दलीलों और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पाया कि अबरार और शर्मिली के विरुद्ध प्रथमदृष्ट्या षडयंत्र रचने और खुदकुशी के लिए उत्प्रेरित करने का मामला बन रहा है। इस पर उन्हें विचारण के लिए तलब कर लिया गया।