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रिकवरी, नोटिस एफआईआर फिर भी आवास नही हुए पूर्ण

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सोनभद्र। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य धीमी गति से चल रहा है। कई लाभार्थियों के खाते में धन तो पहुंचा लेकिन आवास निर्माण या तो शुरू नही हुआ। या फिर शुरू हुआ भी तो अधूरे में लटक गया। इसको लेकर 45 लाभार्थियों को नोटिस जारी हुई। कुछ के खिलाफ एफआईआर भी हुई। यहां तक कि सचिव का निलंबन भी हुआ लेकिन आवास का निर्माण अब भी अधूरा है। जिले में वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना संचालित है। इसके तहत लाभार्थियों को धन तो आवंटित कर दिया गया लेकिन तमाम लाभार्थियों ने निर्माण कार्य ही नहीं कराया। इसका नतीजा है कि तमाम लोगों के आवासों का निर्माण अधूरा रह गया। चतरा ब्लाक के किरहुलिया ग्राम पंचायत में 2016-17 और 2017-18 में आवंटित प्रधानमंत्री आवास अब तक तक अधूरे हैं। इस ग्राम पंचायत में कुल 43 आवास आवंटित किये गए थे। सभी लाभार्थियों को प्रथम किश्त 44 हजार रुपये आवंटित भी कर दिये गए लेकिन यहां अब तक एक भी आवास पूर्णं नहीं हो सके हैं। इसी तरह रामगढ़ ग्राम पंचायत में 75 लोगों को आवास आवंटित हुआ था। जब तत्कालीन बीडीओ ने इसकी जांच की तो इसमें से 45 लोगों को अपात्र घोषित कर दिया गया। साथ ही मामले में आरोपी बनाते हुए तत्कालीन सेक्रेटरी जक्शन कुजुर को निलंबित भी कर दिया गया था। यहां जिन लोगों को अपात्र घोषित किया गया था, उनसे रिकवरी की नोटिस भी जारी की गई। पांच लोगों से रिकवरी कराई जा चुकी है। हालांकि तब यहां के लाभार्थियों ने आरोप लगाया था कि उन्हें प्रथम किश्त दे दी गई। जब उन्होंने अपनी मड़ई गिराकर आवास बनाना शुरू किया तो उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया। इससे उनके सामने सिर छिपाने की जगह तक नहीं रही, जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। इसी तरह घोरावल ब्लॉक और दुद्धी ब्लॉक में भी आवास में गड़बड़ी पर दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। उधर इस बाबत परियोजना निदेशक रामशिरोमणि मौर्य का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पैसा न लेने के बावजूद पूर्ण न कराए जाने पर करीब 45 लोगों को नोटिस जारी की गई है। पूर्व में कुछ के खिलाफ एफआईआर और रिकवरी की भी कार्रवाई हो चुकी है।
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