सोनभद्र। जिले में दो फर्जी फार्मासिस्ट की नियुक्ति के मामले में अभी तक पुलिस कार्रवाई नहीं की है। रायपुर एसओ ने यह कहते हुए प्रार्थना पत्र को वापस कर दिया कि मामला लखनऊ का है। वहीं चोपन पुलिस चिकित्सा निदेशालय को आरोपी के संबंध में रिपोर्ट भेजा। लेकिन सीएमओ ने उक्त रिपोर्ट को निदेशालय भेजने के बजाय थाने को वापस भेज दिया।
बतादें कि आठ माह पूर्व राजीव यादव और संतोष कुमार नाम के युवक सीएमओ दफ्तर पहुंच कर निदेशालय का फार्मासिस्ट का नियुक्ति पत्र दिखाते हुए तैनाती की मांग की। नियुक्ति पत्र के आधार पर एक को सीएचसी चोपन और दूसरे को सीएचसी नगवां में तैनाती दे दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने वेतन देने के लिए नियुक्ति पत्र निदेशालय के मेल पर सत्यापन के लिए पत्र भेजा। उससे मिलती-जुलती मेल आईडी से माह भर बाद जवाब भी आ गया। संबंधित पटल सहायक ने जब ध्यान से मेल आईडी देखी तो पता चला कि जिस आईडी से जवाब आया है वह वास्तविक मेल आईडी से अलग है। इसकी जानकारी होने पर सीएमओ ने दोबारा सत्यापन के लिए पत्र भेजा। दोबारा आए सत्यापन में पता चला कि राजीव यादव और संतोष कुमार के नाम से नियुक्ति पत्र जारी है लेकिन इसमें से एक एटा और दूसरा एक अन्य जिले में नौकरी कर रहा है। सोनभद्र में इस नाम के किसी की नियुक्त नहीं किया गया है। इस पर संबंधितों से जवाब मांगा गया तो वह ड्यूटी छोड़कर फरार हो गए। केंद्र प्रभारियों ने अपने यहां तैनात रहे फर्जी फार्मासिस्ट के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। रायपुर एसओ विनोद यादव का कहना है कि मामला लखनऊ से जुड़ा है इसलिए तहरीर वापस कर दी गई है। वहीं चोपन एसओ विजय प्रताप सिंह ने कहा सीएमओ के माध्यम से निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जा रही थी, लेकिन रिपोर्ट वापस आ गई। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि रायुपर पुलिस आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने की बजाय टरका रही है। इस संबंध में एसपी को अवगत कराया जाएगा।