म्योरपुर। पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद डिवीजन अंतर्गत गढ़वा से सिंगरौली तक रेलवे के दोहरीकरण कार्य में लगी कंपनी के संविदा कर्मियों एवं ठेकेदार के श्रमिकों ने बुधवार को भुगतान न मिलने से क्षुब्ध होकर कार्यालय पर तालाबंदी कर हड़ताल शुरू कर दी। मामला गंभीर होता देख कंपनी के कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। श्रमिकों ने पुलिस के समक्ष भी आपत्ति दर्ज कराई।
म्योरपुर-दुद्धी मार्ग पर कंपनी के कटौली स्थित कार्यालय पर पहुंचे ठेकेदार एवं उनके श्रमिकों ने कंपनी के मेन गेट पर लकड़ियां लगाकर रास्ता जाम कर लाल झंडा लगा दिया। इसके अलावा उन्होंने कार्यालय पर तालाबंदी कर नारेबाजी की। श्रमिकों ने कहा कि उन्हें चार माह से फूटी कौड़ी तक नहीं मिली है। इसके अलावा उन्होंने तमाम समस्याएं भी गिनाई। इस दौरान कंपनी के लोगों ने श्रमिकों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। कंपनी के लोगों ने पुलिस बुलाकर भी मामले को हल करना चाहा, लेकिन इसका प्रभाव श्रमिकों पर नहीं पड़ा। रेलवे के दोहरीकरण कार्य में लगी जीडीसीएल कंपनी के ठेकेदारों के कर्मचारियों ने चार माह से भुगतान न होने से क्षुब्ध होकर काम बंद कर दिया। संविदा कर्मचारियों व श्रमिकों का कहना था कि उनको चार माह से फूटी कौड़ी तक नहीं मिली है। इससे उनके एवं परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उधर जीडीसीएल कंपनी के स्थानीय इंचार्ज हरदन घोष ने श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। हरदन घोष ने बताया कि कंपनी के उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है जल्द ही भुगतान करा दिया जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी डीके दूबे ने श्रमिकों के सामने उच्चाधिकारियों से बात की। इसके बावजूद श्रमिक मानने के लिए तैयार नहीं थे। श्रमिकों ने हड़ताल न खत्म करने के संकेत देते हुए तत्काल भुगतान किए जाने की मांग की है।