सोनभद्र। कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को जिला पंचायत राज अधिकारी आरके भारती और तीनताली की ग्राम प्रधान साधना मौर्या के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज किया है। इन पर शौचालय के लाभार्थी शिवपूजन से जबरदस्ती तीन हजार रुपये मांगने का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक राबर्टसगंज कोतवाली क्षेत्र के ओडीएफ तीनताली गांव के शिवपूजन सिंह का कहना है शौचालय निर्माण के लिए शासन से 12 हजार रुपये मिलना था। ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी अखिलेश कुमार यादव ने उसे ग्राम पंचायत के खाते से यूनियन बैंक शाखा राबटर्सगंज से जारी 12 हजार का चेक चार सिंतबर 2018 को दे दिया। इस दौरान शिवपूजन ने शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण करा दिया था। उसका आरोप है कि वह बार-बार प्रधान के यहां जाता रहा परंतु ग्राम प्रधान तीन हजार रुपये की अवैध मांग करती रही। प्रधान का कहना था कि तीन हजार दोगे तभी चेक पर हस्ताक्षर करेगीं। उसने इसकी शिकायत डीपीआरओ से की तो उन्होंने कहा कि तीन हजार देकर हस्ताक्षर करा दो इसे देना पड़ता है। उसमें से एक हजार उनका भी होता है या तो एक हजार उन्हें दे दो और बाकी दो हजार प्रधान को दे दें। वह फोन करके प्रधान को बोल दे रहे हैं। उसने नजायज पैसे मांगने का विरोध किया तो उसे ही उल्टा फर्जी मुकदमा लगाने की धमकी देकर भाग दिया गया। उसे दोनों लोग जबरन वसूली करने के आशय से परेशान कर रहे हैं। चेक का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि डीपीआरओ आरके भारती और तीनताली की प्रधान साधना मौर्या के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
ओडीएफ में गड़बड़ी को लेकर पहले भी हो चुकी है शिकायतें
सोनभद्र। ओडीएफ में गड़बड़ी की शिकायत पूर्व में भी सामने आ चुकी है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने डीपीआरओ आरके भारती और स्वच्छता भारता मिशन के संविदाकर्मी डीपीसी अनिल केशरी के खिलाफ शासन से शिकायत की थी। आरोप था कि इन लोगों ने फर्जी आंकड़ा देकर फर्जी ओडीएफ घोषित करा दिया। शौचालय के लिए जिन प्रंचायतों में पहले धन भेजा गया था वहां बिना फीडिंग कराये दुबारा धन भेज दिया गया। एमआईएस फीडिंग के बिना धन निकाला जारी ही नहीं किया जा सकता। इसी तरह अनिल केशरी पर मनमाने ढंग से स्वच्छता भारत मिशन के तहत लगाए गए वाहनों के पेमेंट में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया था। खुद के खाते में धन लेकर बंदरबांट की शिकायत करते हुए आय से अधिक बनाई गई संपत्ति की जांच कराने की मांग की थी। शिकायत के बाद केंद्र से टीम भी सोनभद्र जांच करने आ चुकी है। टीम ने अभी रिपोर्ट शासन को नहीं दी है।
प्रदीप चौबे