सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के बर्दिया गांव में एक व्यक्ति की खदान में गिरने से संजय कुमार यादव (29) पुत्र कल्लू यादव की मौत हो गई। घटना का खुलासा दो दिन बाद हुआ। परिवार के लोगों ने मंगलवार को इस मामले की तहरीर चोपन थाने में दी। चूंकि हादसा रात में हुआ है और रात में खनन और परिवहन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। ऐसे में खनिज विभाग से अधिकारी, सर्वेयर और चोपन पुलिस इस मामले को दबाने में जुटी रही।
बरगवां गांव का निवासी संजय कुमार यादव बर्दिया खनन क्षेत्र में टिपर चलाता था। सोमवार की रात वह हरिशंकर स्टोन नामक कंपनी की खदान में गिर गया। मजदूूरों ने उसे किसी तरह बाहर निकलवाया और रात में ही उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे वाराणसी के लिए रिफर कर दिया गया। वाराणसी में शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शव परिवार वालों को सौंपा गया। वहां से मंगलवार की रात परिवार वाले शव लेकर सीधे चोपन थाने पहुंचे और इस मामले की तहरीर दी। तब लोगों को खदान में गिरने से युवक के मौत के बारे में जानकारी हो सकी। मृतक के चचेरे भाई परमेंद्र ने थाने में प्रार्थना पत्र बताया कि 20 मई की रात को खदान से मुंशी का फोन आया। उसने बताया कि संजय काम करते समय गिरकर घायल हो गया है।उसे जिला अस्पताल से रेफर कराकर वाराणसी जे जा रहा है। सूचना के बाद जब वह अस्पताल पहुंचा तो उसके भाई की मौत हो चुकी थी। बताते चले कि आचार संहिता लगने के बाद से खनन बेल्ट में मनमाने तौर पर काम शुरू हो गया है। रात के अंधरे में पोकलेन मशीने चल रही है। अवैध खनन को लेकर वन विभाग लगातार शासन से लेकर जिला प्रशासन को पत्र लिख रहा है। बिना सुरक्षा उपकरणों के भारी भरकम खदानों में मजदूरों से धड़ल्ले से पत्थर खनन कराया जा रहा है। रात में भी खनन कार्य बदस्तूर जारी है। खदानों के इर्द गिर्द सुरक्षा का कोई ठोस व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते मंगलवार को एक मजदूर को अपने जान से हाथ धोना पड़ा। वहीं खनन सर्वेयर एसके दत्ता ने मामले को दबाते नजर आए। कहा कि उन्हें इस घटना के बारे मेंकोई जानकारी नहीं है। सीओ ओबरा कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया कि उन्हें चोपन इंस्पेक्टर ने मामले की जानकारी उन्हें नहीं दी है। वह मामले के बारे में पता लगाकर उचित करेंगे।