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भू-माफियाओं को दे दी गई गरीबों की जमीन

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घोरावल (सोनभद्र)। मंगरदहा और भैंसवार गांवों में चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए अपना दल ने लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी तहसील परिसर में क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखा। अनशनकारियों की मांग है कि सम्पूर्ण चकबंदी प्रक्रिया की जांच कर उसे निरस्त किया जाए। यहां अपना दल के जिला उपाध्यक्ष गंगेश्वर सिंह पटेल ने कहा कि मगरदहा और भैंसवार गांवों में चकबंदी प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी की गई है। चकबंदी अधिकारियों ने गरीब, आदिवासियों की जमीन भू-माफियाओं को दे दी। ग्रामीणों के घरों को दूसरों को दे दिया गया है। एसओसी की सन 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक तरमीनी भूचित्र, विनिमय अनुपात भूचित्र, ग्राम पत्रावली सीएच-21 व मालियत रजिस्टर गायब करा दिया गया है। सन 1970 में मिर्जापुर के तत्कालीन डीएम ने उसरहवा बंधा का निर्माण कराया था, जिसका किसान पनिकर भी दिया है। अब उसरहवा बंधा अस्तित्व में नही है और भू माफियाओं के कब्जे में है। इसके अलावा 67 उड़ान चक लाकर गरीब किसानों, आदिवासियों को नदी, नाला, नहर, सड़क में करा दिया गया है।
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कई बार ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या से अवगत कराया गया। शासन ने डीएम को जांच कर समुचित कार्रवाई का आदेश दिया गया। फिर भी सुनवाई नहीं हो रही है। इससे साबित होता है कि व्यवस्था भी भू माफियाओं से प्रभावित है। यदि अब भी चकबंदी निरस्त नही की गई तो इन गांवों के ग्रामीण आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे। शनिवार को गुलाबी देवी, अमरावती देवी, फूलवंती देवी, कौशल्या और बागेश्वरी भूख हड़ताल पर बैठी। इस मौके पर शिव पटेल, दीपनारायण, छोटेलाल, शोभनाथ, उदयनाथ, आनंद, पप्पू, उमामहेश्वर यादव, रामजियावन कोल, पुरुषोत्तम बिंद, रामजी, जंगली मौजूद रहे।
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