सोनभद्र। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट विनय कुमार सिंह की अदालत ने बुधवार को गीता हत्याकांड में दोष सिद्ध पाकर उसके पति श्यामलाल गोड़ को दस साल की कैद एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने की स्थिति में छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक बभनी थाना क्षेत्र के नधिरा गांव निवासी मोतीलाल ने म्योरपुर थाने में 22 फरवरी 2015 को दी तहरीर में अवगत कराया है कि उसकी बहन गीता की शादी तीन साल पहले म्योरपुर थाना क्षेत्र के सुपाचुआ गांव निवासी श्यामलाल गोड़ के साथ हुई थी। 22 फरवरी को ससुराल गई जहां उसका पति शाम तीन बजे टांगी से बहन के मुंह और सिर पर वार कर घायल कर दिया। म्योरपुर सीएचसी में दवा इलाज के दौरान दूसरे दिन गीता की मौत हो गई। इस मामले में म्योरपुर थाने में श्यामलाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोषी श्यामलाल गोड़ को सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल कुंवर वीर प्रताप सिंह ने पैरवी की।