अनपरा बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान तोड़ी गई नाली के विरोध में प्रदर्शन मामले में 15 के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में दर्ज प्राथमिकी की अदालती कार्यवाही शुरू हो गई है। उप जिला मजिस्ट्रेट दुद्धी डा. विश्राम ने 15 को नोटिस जारी कर 15 जून को दुद्धी स्थित अदालत में अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। प्रकरण में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों, भाजपा नेताओं के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ता पंकज मिश्रा पर भी आरोप होने के कारण सियासत गरमा उठी है।
परासी के पूर्व प्रधान विश्राम बैसवार, नितेश चौहान, शहजाद अली, बीडीसी राजेश गुप्ता, परमानंद गुप्ता, अनपरा व्यापार मंडल अध्यक्ष विकास गोयल, महामंत्री सुमित मित्तल, प्रधान मुकेश शर्मा, सुरेंद्र गर्ग, अशोक केशरी, राजकुमार जायसवाल, सिद्धनाथ दुबे, सोनार समाज के जिलाध्यक्ष जइंद्र प्रसाद सोनी, भाजपा नेता मनीष श्रीवास्तव, मनीष बैसवार को नोटिस जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि अनपरा पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक बाजार में उन लोगों ने अवैध कब्जा किया था जिसे नियमानुसार पांच मार्च को हटवाया गया था।
इसके विरोध में तीन मई को अनपरा बाजार में उपरोक्त लोगों के साथ ही आस-पास के लोगों ने प्रदर्शन किया। जबकि इससे पहले 29 अप्रैल से ही धारा 144 प्रभावी था। प्रदर्शन के चलते आवागमन प्रभावित हुआ और शांति व्यवस्था प्रभावित हुई। कांग्रेस नेता पंकज मिश्रा पर भीड़ इकट्ठा कर विरोध-प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि उन्हें अभी इसकी नोटिस नहीं दी गई है। उधर, उप जिला मस्ट्रिेट के यहां से जारी नोटिस रविवार को अनपरा और रेणुसागर पुलिस ने सभी को तामील करा दी।