बीजपुर। बकरिहवा में विगत डेढ़ माह से बिना नाम व पंजीयन के चल रहे प्राइवेट चिकित्सालय को गुरुवार को सील कर दिया गया। चार कमरों में संचालित इस अस्पताल की शिकायत ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्साधिकारी से की थी।
प्राइवेट अस्पताल में काम करने वाले युवकों ने ग्रामीणों से बताया कि उन्हें हास्पिटल का नाम नहीं मालूम है। हास्पिटल का संचालन करने वाले दुद्धी के संतोष ने उन्हें काम सीखने एवं पार्ट टाइम जॉब का लालच देकर यहां काम पर रखा है । चिकित्सालय पंजीकृत है या नहीं मेडिकल स्टोर व पैथालाजी का लाइसेंस है या नहीं इन सब के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। इसका खुलासा होने के बाद ग्रामीणों ने मामले की शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह से की थी। उर्जांचल दौरे पर गुरुवार को आए सीएमओ के निर्देश पर अपराह्न तीन बजे के आसपास इस अस्पताल को सीज कर दिया गया। अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर भी दी गई है। सील की कार्रवाई करने के दौरान मौजूद रहे बभनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राघवेंद्र सिंह चिकित्सालय का पंजीयन नहीं है। यहां मिले मरीजों को बभनी चिकित्सालय भेजा गया है। इस अस्पताल के संचालक संतोष कुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दे दी गई है।