मिलावट के एक मामले में सिंगरौली (बैढन) कोर्ट ने सोमवार को किराना कारोबारी को छह माह के कठोर कारावास के साथ दो हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला 22 साल पुराना है व आटा में मिलावट से संबंधित है।
इस मामले में सीजेएम संजय राज ठाकुर ने वाराणसी के विश्वेश्वरगंज के कारोबारी राजेश इंटर प्राइजेज व सीतापुर रोड शाहजहांपुर के जानकी फ्लोर मील के मालिकों के खिलाफ वारंट जारी करने व गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। दोनों कारोबारी सह अभियुक्त के साथ आटे के थोक आपूर्तिकर्ता है। मामला साल 1995 का है। घटनाक्रम के मुताबिक विंध्यनगर थाना क्षेत्र के सिम्पलेक्स लेबर कालोनी में किराना कारोबार करने वाले श्रीराम मित्तल की दुकान पर तत्कालीन खाद्य निरीक्षक टीपी सिंह ने आटे का नमूना लिया था। जांच के लिए भेजा गया नमूना फेल हो गया। इसी के बाद दुकानदार श्रीराम मित्तल व थोक आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के सीजेएम कोर्ट में अभियोग पत्र दाखिल किया गया। कोर्ट में एडीपीओ आनंद कमलापुरी व अमित शर्मा ने बहस किया। अभियोजन ने कहा कि मिलावट के जरिए लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा था।