सलखन। चोपन थाना क्षेत्र के झिनरपोछा जंगल के समीप बैराज बांध में बृहस्पतिवार को एक किशोरी का शव मिला। शव की शिनाख्त छात्रा अर्चना (17) के रूप में हुई। वह तीन जनवरी से लापता थी। बांध से शव निकाल कर पुलिस पीएम के लिए जिला अस्पताल ले जाने लगी तो घरवालों ने रोक दिया। उनका कहना था उसकी बेटी की हत्या कर शव को फेंका गया है। जब तक आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होगा तब तक शव को ले जाने नहीं देंगे। एसओ ने नाराज लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराकर शव को पीएम के लिए ले गए। पिता की तहरीर पर पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। बता दें कि चोपन थाना क्षेत्र के अवई गांव की रहने वाली अर्चना कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा थी। तीन जनवरी को संदिग्ध हाल में वह घर से लापता हो गई। घरवालों ने रिश्तेदारी और परिचितों के यहां उसकी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। बृहस्पतिवार की सुबह दस बजे झिनरपोछा जंगल के समीप बैराज बांध में कुछ लोगों ने एक किशोरी का उतराता शव देख कर ग्रामीणों को सूचना दी। देखते ही देखते बांध पर सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए। एक व्यक्ति ने पुलिस को शव मिलने की सूचना दी। इस दौरान किसी ने शव की शिनाख्त अर्चना के रूप में करते हुए उसके घरवालों को जानकारी दी। सूचना मिलते ही मृतक के घरवाले और चोपन थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह पहुंच गए। थानाध्यक्ष ने पानी से शव को बाहर निकलवा कर पीएम के लिए अस्पताल भेजने लगे तो मृतक के घरवालों ने गांव के एक युवक पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग को लेकर शव को ले जाने से रोक दिया। एसओ ने मुकदमा दर्ज कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ और पुलिस शव को लेकर अस्पताल ले गई। ओबरा सीओ ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि शव का पीएम करवाकर घरवालों को सुपुर्द कर दिया गया। देर शाम शव का दाह संस्कार भी कर दिया गया। मृतका के पिता कन्हैया पाल की तहरीर पर उसी के गांव के रहने वाले भूपेंद्र और उसके पिता चंद्रपाल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच की जांच की जा रही है।