सोनभद्र। कोतवाली पुलिस को बीएसए डा. गोरखनाथ पटेल ने बर्खास्त तीन शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। तीनों के ऊपर फर्जी अंकपत्र पर प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर नौकरी करने का आरोप है। उनके खिलाफ प्राप्त शिकायती पत्रों की जांच से सच्चाई सामने आ गई।
कुछ दिन पहले पुलिस को दिए गए तहरीर में बीएसए ने लिखा है कि 31 अगस्त 2016 को राबट्र्सगंज कोतवाली क्षेत्र के तिलौली गांव निवासी सुरेश चंद्र दूबे की प्राथमिक विद्यालय चकरिया, सुनील दत्त द्विवेदी की प्राथमिक विद्यालय गुरमुरा और अभय कुमार द्विवेदी की प्राथमिक विद्यालय छितिकपुरवा में सहायक अध्यापक पद पर तैनाती हुई थी। तीनों शिक्षकों के खिलाफ प्राप्त शिकायती पत्रों की गोपनीय ढंग से 18 अप्रैल को जांच कराई गई। 12 जून को उप कुलसचिव परीक्षा संपूर्णानंद संस्कृत विश्चविद्यालय वाराणसी की ओर से भेजे गए जांच आख्या में स्पष्ट है कि सुरेश चंद्र, सुनील दत्त और अभय कुमार द्वारा नौकरी पाने के लिए उपलब्ध कराए गए अंकपत्रों अन्य छात्रों की प्रवृष्टि है। परीक्षाफल में अनुपस्थित हैं। प्राप्त आख्या से स्पष्ट है कि इनके द्वारा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से कोई उपाधि प्राप्त नहीं की है। जांच आख्या के आधार पर 18 जुलाई 2018 को तीनों शिक्षकों को सेवा समाप्त कर दी गई। सीओ विवेकानंद तिवारी ने कहा कि कोतवाल को बीएसए की तहरीर पर केस दर्ज करने का निर्देश दे दिया गया है।
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फर्जी अंकपत्र पर सहायक अध्यापक की नौकरी पाने वाले सुरेश चंद्र, सुनील दत्त और अभय के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर पुलिस को दे दी गई है। उपकुल सचिव परीक्षा संपूर्णानंद संस्कृत विश्चविद्यालय वाराणसी की जांच आख्या मिलने के बाद तीनों की सेवा समाप्त कर दी गई है।
-डा. गोरखनाथ पटेल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी