फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: विश्व आदिवासी दिवस पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने निकाला पैदल मार्च, कलेक्ट्रेट गेट पर दिया धरना

विज्ञापन
कलेक्ट्रेट में जुलूस निकालते भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पदा​धिकारी। संवाद
विज्ञापन
सोनभद्र। विश्व आदिवासी दिवस और अगस्त क्रांति की पूर्व संध्या पर शनिवार को अखिल भारतीय आदिवासी महासभा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला। यह मार्च चुर्क तिराहा से शुरू होकर कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित 25 सूत्री मांगपत्र एसडीएम सदर को सौंपा गया। मार्च का नेतृत्व भाकपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और जिला सचिव आरके शर्मा ने किया। इस दौरान कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग उठाई। वनाधिकार अधिनियम और पेसा एक्ट का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने जल-जंगल-जमीन की रक्षा और रोजगार उपलब्ध कराने की भी मांग की। प्रदूषण पर रोक लगाने और अवैध खनन बंद करने की मांग भी शामिल थी। खनन क्षेत्र में अत्यधिक मशीनीकरण रोकने का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्य वक्ता आरके शर्मा ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्र में उच्च शिक्षा की बेहतर व्यवस्था के लिए कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा के बिना किसी भी समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। भाकपा लगातार इस मांग को लेकर आंदोलन कर रही है।आदिवासी महासभा के संयोजक मंडल के सदस्यों ने जाति जनगणना में धर्म के कॉलम में आदिवासी दर्ज करने की मांग की। इनमें अकबर सिंह गोंड, लक्ष्मण बादी, मुन्नीलाल खरवार, जगन्नाथ बैग, बाबूलाल चेरो, बाबूलाल खरवार और जगबंधन गोंड शामिल थे। भाकपा जिला सह सचिव देव कुमार विश्वकर्मा ने औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलने पर चिंता व्यक्त की। देव कुमार विश्वकर्मा ने बभनी विकासखंड के बरवाटोला गांव में चार वर्ष पूर्व ध्वस्त किए गए प्राथमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जिले में बड़े कल-कारखाने संचालित हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें