सोनभद्र। बालू-मोरम खनन पट्टे की रजिस्ट्री में कथित फर्जीवाड़े के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने थाना जुगैल पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। मामला मैसर्स ओमेक्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक सचिन अग्रवाल से जुड़ा है। चंदन दुबे की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि ग्राम खेबंधा स्थित सात हेक्टेयर क्षेत्र में बालू-मोरम खनन का पांच वर्षीय पट्टा 09 जनवरी 2023 से 08 जनवरी 2028 तक स्वीकृत था। इसकी रजिस्ट्री 23 जनवरी 2023 को हुई थी। आरोप है कि सचिन अग्रवाल ने रजिस्ट्री में निदेशक के रूप में हस्ताक्षर किए और फोटो खिंचवाई, जबकि उन्होंने 14 नवंबर 2022 को निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। शिकायतकर्ता ने इसे कूटरचित दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्री कराने का आरोप बताया। शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। अदालत ने मामले को गंभीर और संज्ञेय अपराध की श्रेणी का मानते हुए थाना जुगैल पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने का आदेश दिया। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।