सोनभद्र। दो सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों और उनकी पत्नियों पर ओबरा थाने में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हुआ है। दोनों आरोपी गाजीपुर के निवासी हैं और सगे भाई हैं। सरकारी सेवा में रहते हुए क्रशर प्लांट के संचालन और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एंटी करप्शन के निरीक्षक की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस को दी गई तहरीर में एंटी करप्शन के निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद सानिंदा निवासी विनोद राय सोनभद्र में आरक्षी पद पर और उनके भाई रवींद्र नाथ राय मुख्य आरक्षी के पद पर मिर्जापुर में तैनात थे। दोनों ने अपनी पत्नियों मीना राय व मुन्नी राय के नाम से बिल्ली मारकुंडी में न्यू सर्वोदय इंटर प्राइजेज (पूर्व नाम आरके इंटरप्राइजेज) स्थापित किया। उनके विरुद्ध शिकायत मिलने पर जांच की गई तो रवींद्र नाथ राय ने निर्धारित अवधि में विभिन्न ज्ञात स्रोतों से 43.46 लाख रुपये अर्जित किए और 73.22 लाख रुपये व्यय किए। इसी तरह विनोद राय ने 1.35 करोड़ रुपये अर्जित करते हुए 1.79 करोड़ रुपये व्यय किए। इस आय के बाबत दोनों ने सही जवाब भी नहीं दिया। जांच में दोनों के सरकारी सेवा में रहते हुए पत्नी के साथ मिलकर गलत तरीके से गिट्टी का व्यवसाय करने की पुष्टि होने पर एंटी करप्शन के आईजी के निर्देश पर कार्रवाई की गई। ओबरा एसओ देवीवर शुक्ला ने बताया कि तहरीर के आधार पर चारों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक मिर्जापुर के पड़री में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात रहे रवींद्र नाथ राय 2018 में सेवानिवृत्त हुए थे। वहीं सोनभद्र में पीआरवी में तैनात रहे आरक्षी विनोद राय ने शिकायत की जांच के दौरान की अप्रैल 2019 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली।