अनपरा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अनपरा नगर पंचायत में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना में दो विभागों की रार बाधा बन गई है। एक ओर जहां जल निगम ने पर्याप्त भूमि होने का हवाला देते हुए रिहंद बांध प्रबंधन की जमीन को उपयुक्त बताया था तो वहीं रिहंद अपनी भूमि पर एसटीपी के निर्माण को राजी नहीं है। अनपरा नगर पंचायत में गंदे जलभराव की समस्या बनी हुई है। नगर के 21 वार्डों के घरों, दुकान और वर्कशॉप का गंदा पानी नालियों के सहारे सीधा रिहंद डैम में जा रहा है। इस कारण रिहंद डैम का पानी भी दूषित हो रहा है। परियोजनाओं ने अपने यहां एसटीपी लगाया है, लेकिन नगर की आबादी के लिए एसटीपी की व्यवस्था नहीं है। गांव से नगर बनने के बाद करीब डेढ़ वर्ष पूर्व जल निगम यहां एसटीपी लगाने के लिए भूमि की तलाश कर रहा है। रिहंद डैम के किनारे भूमि मिली भी है, जिसे जल निगम उपयुक्त बता रहा है लेकिन वो रिहंद की भूमि है और रिहंद ने भूमि देने को तैयार नहीं है। जिस कारण एसटीपी का निर्माण अधर में लटक गया है। बताते चलें कि नगर में दो एसटीपी लगने हैं एक गरबंधा में और दूसरा डिबुलगंज में, ताकि नगर के गंदे पानी से रिहंद का पानी दूषित ना हो।