जिला अस्पताल में पिछले दिनों दुष्कर्म पीड़िता के मेडिकल परीक्षण का मामला गरमाने लगा है। सीएमओ ने सीएमएस पर कार्यों में शिथिलता बरतने की रिपोर्ट डीएम को दी है। वहीं सीएमएस ने सीएमओ पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर रिपोर्ट प्रेषित करने का आरोप लगाते हुए डीएम को पत्र भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर ने डीएम को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस ने अपने कार्यों के प्रति शिथिलता बरती है। दुष्कर्म जैसे संवेदनशील प्रकरण में जानबूझ कर देरी और हीलाहवाली की गई। सीएमएस की ओर से इमरजेंसी सेवाओं के संचालन का पर्यवेक्षण भी ठीक ढंग से नहीं किया जा रहा है।
वहीं सीएमएस डॉ. क्रांति कुमार ने डीएम को पत्र भेजकर बताया है कि सीएमओ की ओर से लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। एक सितंबर को डिप्टी सीएम ने जिला अस्पताल का भ्रमण किया गया लेकिन किसी भी प्रकार का प्रश्न चिह्न खड़ा नहीं हुआ। सीएमएस का दावा है कि दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल मुआयना कराने में किसी प्रकार की हीलाहवाली नहीं की गई है।
अलबत्ता गलत तथ्य सीएमओ की ओर से रखे गए। कहा कि मेरे कार्यकाल में भारत सरकार एवं राज्य सरकार के संयुक्त परीक्षण में एन्क्वास में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ जो उत्कृष्ट है। स्वास्थ्य विभाग के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच तनातनी महकमे में चर्चा का विषय है।
सीएमएस ने इमरजेंसी सेवाओं के संचालन का पर्यवेक्षण सहीं ढंग से नहीं किया। दुष्कर्म पीड़िता प्रकरण में हीलाहवाली की गई थी, जिसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। - डॉ. रमेश सिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्साधिकारी।
जिला अस्पताल में रेप पीड़िता के मेडिकल मुआयना कराने में किसी प्रकार की हीलाहवाली नहीं की गई। सीएमओ द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार है। - डॉ. क्रांति कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक।