एनटीपीसी रिहंद में विभागीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में शामिल लोग। स्नोत संस्थान
बीजपुर। एनटीपीसी रिहंद सुपर थर्मल पावर स्टेशन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभागीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की पहली बैठक बृहस्पतिवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख संजय असाटी ने की। बैठक में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से जारी वार्षिक कार्यक्रम 2026-27 के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। साथ ही निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए आवश्यक रणनीति और कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। समिति ने तिमाही प्रगति रिपोर्ट, हिंदी कार्यशालाओं के नियमित आयोजन, हिंदी दिवस एवं हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रमों के सफल संचालन तथा हिंदी वार्षिक पत्रिका के प्रकाशन जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया। संजय असाटी ने कहा कि राजभाषा हिंदी के प्रति प्रत्येक भारतीय का स्वाभाविक लगाव है और इसके संवर्धन के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के वार्षिक कार्यक्रम के अनुरूप सभी निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। हिंदी एक सरल और सहज भाषा है तथा शासकीय एवं तकनीकी कार्यों में तकनीकी शब्दों के सरलीकरण के माध्यम से इसके प्रयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से अपने-अपने विभागों में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। बैठक में समिति के सदस्यों ने हिंदी के प्रचार-प्रसार और कार्यालयी कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग को लेकर अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। बैठक का संचालन सदस्य-सचिव एवं प्रबंधक (राजभाषा) पवन कुमार मिश्र ने किया। इस अवसर पर समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।