रॉबर्ट्सगंज में आसमान में छाया बादल। संवाद
सोनभद्र। चक्रवाती तूफान अर्नब का असर जिले में बुधवार से ही दिखने लगा है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई। 29 अक्तूबर को इसका व्यापक प्रभाव दिखने की आशंका है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। आंध्र प्रदेश के रास्ते भारत में प्रवेश कर चुके अर्नब तूफान का तटीय इलाकों में व्यापक असर दिखा। छत्तीसगढ़ के रास्ते तूफान तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूपी में इसके सोनभद्र होते हुए प्रवेश की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से इस दौरान 40-50 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बादलों के गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है। तूफान का प्रभाव बुधवार से ही जिले में दिखने लगा है। सुबह कुछ देर के लिए धूप निकली लेकिन उसके बाद आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया। पूरे दिन यह स्थिति बनी रही। 29 और 30 अक्तूबर को जिले में तूफान का व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है। इस दौरान तेज गति से हवाएं चलने के साथ और भारी बारिश हो सकती है। तूफान से मच रही तबाही को देखते हुए लोग सहमे हुए हैं। सबसे ज्यादा चिंतित खेतिहर वर्ग है। धान की फसल खेतों में पककर तैयार हो चुकी है। ऐसी स्थिति में आंधी-बारिश से फसलों को भारी क्षति की आशंका है। सब्जी के किसान भी चिंतित हैं। डीएम चर्चित गौड़ ने चक्रवाती तूफान के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी सूचनाएं आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनसामान्य की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। लोगों से खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है। तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर भवनों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। डीएम ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल मौसम विभाग व जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की। किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर 05444-297645 या आपदा हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।