जनपद में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। नोडल अधिकारी (प्राइवेट हॉस्पिटल पंजीयन) डॉ. गुलाब शंकर यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर तीन अवैध क्लीनिक/हॉस्पिटल को नोटिस जारी करते हुए सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सबसे पहले विंढमगंज क्षेत्र में बिना नाम के संचालित एक अवैध क्लीनिक को चिन्हित किया गया, जिसका संचालन औरंगजेब द्वारा किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि उक्त क्लीनिक बिना किसी वैध पंजीकरण और मानकों के संचालित हो रहा था। टीम ने तत्काल प्रभाव से इसे सील कर दिया। इसके बाद टीम ने दुद्धी क्षेत्र में स्थित परी हॉस्पिटल पर छापा मारा। हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल के बाहर कोई बोर्ड तक नहीं लगा था, जिससे उसकी वैधता पर पहले ही सवाल उठ रहे थे। जांच के दौरान पता चला कि यहां चार नवजात शिशुओं का इलाज बिना किसी योग्य चिकित्सक की निगरानी के किया जा रहा था। यह स्थिति गंभीर लापरवाही को दर्शाती है, जिसे देखते हुए विभाग ने तत्काल अस्पताल को सील करते हुए संचालक सूरज कुमार को नोटिस थमा दिया। इसी क्रम में दुद्धी स्थित समृद्धि हॉस्पिटल पर भी कार्रवाई की गई। जांच में यहां भी आवश्यक दस्तावेजों और मानकों की अनदेखी सामने आई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसे भी सील करते हुए संचालक को नोटिस जारी किया। डॉ. गुलाब शंकर यादव ने स्पष्ट किया कि जनपद में अवैध रूप से संचालित किसी भी क्लीनिक या अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा।