शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जिले में छह फरवरी से ऑनलाइन आवेदन होगा। इसके तहत चयनित बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ेंगे, मगर उनकी फीस की भरपाई सरकार करेगी। अधिक से अधिक बच्चे इस प्रक्रिया में भाग लें इसके लिए बीएसए ने सभी बीईओ को निर्देशित कर दिया है।
आदिवासी बहुल जिले में एक बड़ी आबादी अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाना तो चाहती है। मगर आर्थिक तंगी से उनका सपना पूरा नहीं हो पाता है। ऐसे लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए सरकार हर साल बड़ी तादाद में बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने का अवसर देती है। चयनित बच्चों की पूरी फीस उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हे 5 हजार रुपये ड्रेस सहित अन्य सामग्री के लिए मिलते हैं। पिछले साल भी इस योजना के तहत करीब 700 बच्चों का दाखिया कराया गया था। शासन के निर्देश के बाद जिले में सत्र 2023-24 के तहत दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसके लिए कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस दाखिले के लिए प्रवेश प्रक्रिया तीन चरण में चलेगी। पहले चरण के आवेदन की शुरुआत 6 से 28 फरवरी तक होगी। संबंधितों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
1 से 10 मार्च के बीच बीएसए आवेदन फॉर्म का सत्यापन कर उसे लॉक करेंगे। बारह मार्च को लॉटरी सिस्टम से बच्चों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे। दूसरे चरण के तहत 14 मार्च से 6 अप्रैल तक आवेदन होगा। 17 अप्रैल तक बीएसए सत्यापन करेंगे। दूसरे चरण की लाटरी 19 अप्रैल को निकाली जाएगी। अंतिम चरण के तहत 20 अप्रैल से 12 मई के बीच आनलाइन आवेदन होंगे। 23 जून से पहले सत्यापन होगा। वहीं 25 जून को लॉटरी निकाली जाएगी। इसके तहत एलकेजी, यूकेजी और कक्षा एक के लिए आवेदन होंगे। इन बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने के लिए कक्षा बारह तक शासन की ओर से फीस की धनराशि उपलब्ध कराया जाएगा। अलाभित समूह व दुर्बल वर्ग के बच्चों को कक्षा 1 व पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश मिलेगा। पहली लॉटरी वाले बच्चों को चार अप्रैल तक दाखिला लेना होगा। दूसरे चरण के तहत आवेदन करने वाले बच्चों को 28 अप्रैल तक दाखिला लेना होगा। तीसरे और अंतिम चरण के तहत दाखिले की समय सीमा पांच जुलाई निर्धारित की गई है।
आरटीई के तहत गैर सहायतित मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अलाभित व दुर्बल वर्ग के बच्चों को 25 फीसदी प्रवेश दिया जाना बाध्यकारी है। इसके लिए आवेदन 6 फरवरी से होंगे। - हरिवंश कुमार, बीएसए।