सोनभद्र। जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश कुमार खैरवार के निर्देश पर बुधवार को नगर के बढ़ौली चौराहा, राबर्ट्सगंज कस्बा सहित अन्य स्थानों पर भ्रमण कर जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम ने बाल श्रम कर रहे बच्चों को मुक्त कराया। सड़क पर भीख मांगने वाले बच्चों को भी चिह्नित किया। तीन बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनका संरक्षण प्रदान कराया गया।
बाल संरक्षण इकाई के ओआरडब्ल्यू शेषमणि दुबे ने बताया कि सड़कों पर दूसरों की गाड़ी साफ करते या भीख मांगते और बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चे भी अब पढ़ाई करेंगे। विशेष अभियान के तहत ऐसे बच्चों के परिजनों की काउंसलिंग की जा रही है। उन्हें बताया जाता है कि भीख मांगना व नाबालिग बच्चों से श्रम कराना अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए बच्चों को स्कूल भेजें। बाल सेवा योजना के तहत शिक्षा और पोषण के लिए 18 से 23 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 2500 रुपये उन्हें दिया जाएगा। इस अभियान के तहत बच्चों को स्कूल भेजने और उनका खाता खोलवाया जा रहा है।