अवैध वसूली में पांच पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद अब प्रशासन ने भी कड़े कदम उठाए हैं। राजस्व अभिलेखागार में सक्रिय बाहरी व्यक्ति पर अवैध वसूली के आरोप में डीएम ने केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। राजस्व अभिलेखपाल के विरुद्ध भी कार्रवाई को कहा गया है।
आरोप है कि नकल दिलाने के बदले वह पांच हजार रुपये की मांग कर रहे थे। जांच के बाद डीएम ने यह कार्रवाई की है। अभिलेखागार से राजस्व रिकॉर्ड की नकल के लिए अमूमन सात दिन की समय सीमा है।
18 जून को रॉबर्ट्सगंज के कृष्ण कुमार मिश्र ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि नियमानुसार अभिलेख का मुआयना कराकर नकल के लिए उन्होंने 03 जून को प्रार्थना पत्र दिया था। तीन बार आने के बाद भी नकल नहीं दी जा रही है। हर बार उनसे 1000-2000 रुपये भी जमा कराया गया।
राजस्व अभिलेखागार में कार्यरत रामअनुज पाठक पर पांच हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने एडीएम वित्त सहदेव मिश्र को जांच के निर्देश दिए। छानबीन में पता चला कि रामअनुज पाठक नाम के किसी कर्मचारी की वहां तैनाती ही है।
वह बाहरी व्यक्ति है, जो राजस्व अभिलेखपाल छवींद्र नाथ सिंह के संरक्षण में वहां काम कर रहा है। राजस्व अभिलेखागार में कुछ कर्मचारियों ने भी अपने बयान में रामअनुज पाठक के अनधिकृत ढंग से कलेक्ट्रेट अभिलेखागार नवंबर 2023 के पूर्व से अभिलेखों के फोटो स्टेट करने का कार्य करने की जानकारी दी।
इस गंभीरता से लेते हुए डीएम ने रामअनुज पाठक के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराने के निर्देश दिए। वहीं छवींद्र नाथ सिंह के विरुद्ध भी कार्रवाई के लिए एडीएम को निर्देशित किया।