सोनभद्र। जिले में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के नाम पर सरकारी धन हजम करने के मामले को कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। सिविल जन सीनियर डिविजन की अदालत ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, अपर मुख्य अधिकारी समेत 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। उन पर सड़कों को गड्ढामुक्त के नाम पर सवा करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। मामला वर्ष 2017 का है।
अधिवक्ता विकास शाक्य ने बताया कि चौधरी यशवंत सिंह की ओर से कोर्ट में 156-3 के तहत परिवाद दायर किया गया था। इसमें उनका आरोप है कि मई 2017 में जिला पंचायत की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए ई-टेंडरिंग के माध्यम से निविदा कराई गई थी। जून में इसका वर्क आर्डर भी जारी किया गया। अनुबंध के तहत सड़कों के निर्माण में जिला पंचायत को विटूमिन और इमल्सन की आपूर्ति करनी थी, मगर जिला पंचायत ने यह आपूर्ति नहीं की। लिहाजा सड़कों का निर्माण भी नहीं हुआ। बावजूद कागजों में काम दिखाकर मार्च 2018 में धनराशि निकाल ली गई। इस मामले में उन्होंने कई स्थानों पर शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने गत 28 जुलाई को परिवाद स्वीकार करते हुए केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
इन पर दर्ज होगा केस
प्रार्थना पत्र के आधार पर कोर्ट ने तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल, अपर मुख्य अधिकारी वीसी पंत, तत्कालीन एएमए वर्तिका, अवर अभियंता जसवंत चौहान, रमेश राम चौरसिया, बलिराम, ठेकेदार श्यामलाल, राममूर्ति, रामनिवास यादव, रमाशंकर, अजीत कुमार, अनिल कुमार सिंह, अमित कुमार सिंह, संतोष राय, परामर्शदाता विनोद कुमार श्रीवास्तव, लेखाकार अजय शर्मा के खिलाफ राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
इन सड़कों के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत
शिकायतकर्ता ने मुड़िलाडीह, लसड़ी कला, मदार, पेटरही, भगवंतपुर माइनर, करकी से खेरवा, सिरपालपुर पेटरही से परसोना, डेहरी कला-रामगढ़ गुरौटी, मंगरदाह, नई बाजार-विरधी, सेहुआ-सफारी पुर, असनहर-आश्रम, बचरा, नौडीहा, कटौली, डोरहर,डुमर्चुआ, म्योरपुर लीलासी सहित कुल 22 सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के नाम पर धांधली की शिकायत की है।