सोनभद्र। जिले में तैनात एक एसीएमओ और निजी अस्पताल के संचालकों पर कोतवाली पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। उन्हें प्रसूता और नवजात की मौत का जिम्मेदार बताया गया है।
जुगैल के चतरवार निवासी छविंदर ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसकी पत्नी देवमती नौ माह की गर्भवती थी। 11 मार्च 2023 की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर वह पत्नी को सरकारी एंबुलेंस ले लेकर सीएचसी चोपन लाया, वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जब वह राॅबर्ट्सगंज पहुंचा तो उसे एसीएमओ डाॅ. गुलाब शंकर यादव मिले।
उन्होंने उसे सनराइज पाली हास्पिटल एंड फ्रैक्चर सेंटर में भेज दिया। वहां से शाम को ऑपरेशन के लिए न्यू डीपी हास्पिटल उरमौरा ले जाया गया। इस अस्पताल में शाम सात बजे आपरेशन से बच्चा पैदा हुआ, मगर उसकी मृत्यु हो गई। उसके बाद देवमती की बच्चेदानी भी निकाल दी गई। रात डेढ़ बजे डाॅक्टरों ने पत्नी को वाराणसी भेजते हुए वहां मैक्सवेल हास्पिटल में भर्ती कराया गया।
ढाई घंटे बाद वहां के डाॅक्टरों ने बताया कि पत्नी की मृत्यु हो गई है। उसने पोस्टमार्टम के लिए डॉ. गुलाब शंकर से संपर्क किया तो उन्होंने बदसलूकी की। मामले में कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने प्रसूता और नवजात की मौत के आरोप में एसीएमओ डॉ. गुलाब शंकर यादव, सनराइज अस्पताल और न्यू डीपी अस्पताल के संंचालकों पर गैर इरादतन हत्या, एससी-एसटी, जान से मारने की धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया है।