सोनभद्र। पन्नूगंज पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष, तीन सिपाहियों सहित कुत 12 लोगों के विरुद्ध बलवा सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
सीजेएम न्यायालय में सोधिया भगवानपुर निवासी सुदामा ने प्रार्थना पत्र दायर कर बताया कि वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है। गत आठ मार्च की रात नौ बजे पचपेड़िया गांव निवासी मुन्नीलाल, अवधेश और धर्मेन्द्र उसके घर आए और उसके बेटे श्यामू बियार को काम का बहाना बनाकर घर से बुलाकर ले गए। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। खोजबीन करने पर पता लगा कि लड़के को एक व्यक्ति के घर ले जाकर जबरदस्ती दारू पिलाकर रात भर रखा गया और सहदेईया नहर पर पेड़ में बांधकर पिटाई की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस बेटे को पन्नूगंज थाने ले गई। वहां भी श्यामू के साथ साजिश कर पुलिस की मौजूदगी में काफी मारा पीटा गया। दरोगा ने पूछताछ के बाद लड़के को छोड़ने का आश्वासन देकर उन्हें घर भेज दिया। दूसरे दिन बेटे के घर न आने पर परिजन थाने पहुंचे तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया। बाद में पुलिस ने दूसरे पक्ष के लोगों के साथ मिलकर पुलिस ने श्यामू को फर्जी मुकदमे में फंसा कर जेल भेज दिया गया। उसकी शिकायत को दर्ज नहीं किया जा रहा है। कोर्ट के निर्देश पर पन्नुगंज पुलिस ने बलवा सहित कई अन्य धाराओं में पन्नूगंज के तत्कालीन एसओ, तीन अन्य पुलिस कर्मियो के साथ ही शीशा पिलाने के आरोपी मुन्नीलाल, अवधेश, धमेंद्र, फूलचंद्र, विक्रम, जितेंद्र, साधू, रामकेश सहित कुल 12 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है।