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अनियमितता के आरोप में दो सचिवों और ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा

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ग्राम पंचायत धूमा में सामने आए 29.59 लाख के शौचालय घोटाल में दो सेक्रेटरी और धूमा के ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा सरकारी धनराशि के गबन के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एडीओ पंचायत दुद्धी समर बहादुर सिंह की तहरीर पर हुई है। विवेचना क्षेत्राधिकारी दुद्धी आशीष मिश्रा कर रहे हैं।
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बता दें कि गत 18 जून को दुद्धी में तहसील समाधान दिवस पर मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्रा से ग्रामीणों ने धूमा में शौचालय घोटाले की शिकायत की। मंडलायुक्त ने डीपीआरओ को निर्देश को जांच कराने का निर्देश दिया। डीपीआरओ, एडीपीआरओ, एडीपीआरओ तकनीकी और जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की मौजूदगी वाली टीम ने जांच की। पाया कि 230 शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण हुए बगैर प्रति शौचालय 12 हजार की दर से 27.60 लाख निकाल लिया गया। शौचालय के नाम पर एक लाख 99 हजार पांच सौ की अतिरिक्त निकासी मिली। इस धनराशि से भी किसी शौचालय के निर्माण का साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया जा सका। पूरी जांच के बाद 29 लाख 59 हजार पांच सौ के गबन की पुष्टि हुई। ग्राम प्रधान रामप्रसाद यादव, पंचायत सचिव उमेश चंद्र और चांदनी गुप्ता की जिम्मेदारी तय की गई। दो जुलाई को उमेश चंद्र और चार जुलाई को चांदनी गुप्ता को निलंबित किया गया। पांच जुलाई को डीपीआरओ विशाल सिंह की तरफ से दुद्धी ब्लाक पर एफआईआर कराने का निर्देश भी भेज दिया गया।थाना प्रभारी निरीक्षक सूर्यभान ने बताया कि ग्राम प्रधान धूमा व सचिवों के खिलाफ 409 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 19 98 की धारा 7 व 13 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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