सोनभद्र। ओडिशा से मिर्जापुर तक गांजा तस्करी के नेटवर्क की जांच में प्रतिबंधित आर्मेनियाई एप ‘जंगी’ के इस्तेमाल की बात सामने आई है। दो दिन पूर्व 1.18 क्विंटल गांजे के साथ पकड़े गए ओडिशा के तीन तस्करों से पूछताछ में पुलिस को गिरोह के बारे में अहम जानकारियां मिली हैं। गांजा लदे वाहनों के आगे कार से चलकर लोकेशन देने वाले व्यक्ति के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस टीमें गिरोह से जुड़े नेटवर्क की जांच और आरोपियों की धरपकड़ में जुटी हैं। गत शुक्रवार को एसओजी और करमा पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का खुलासा करते हुए ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गांजे की खेप दो लग्जरी वाहनों से ओडिशा से मिर्जापुर लाई जा रही थी। इसे विंध्याचल से चार-पांच किलोमीटर आगे पहुंचाया जाना था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि ओडिशा का एक व्यक्ति कार से गांजा लदे दोनों वाहनों के आगे चलकर लगातार उनकी लोकेशन दे रहा था। इसके लिए वॉट्सएप कॉल और ‘जंगी’ एप के जरिये संपर्क किया जा रहा था। इसी एप के माध्यम से ओडिशा से मिर्जापुर तक गांजा तस्करी की डील किए जाने की बात भी सामने आई है। इससे पहले अगस्त में ओबरा में मेडिकल स्टोर की आड़ में हेरोइन की आपूर्ति के मामले के खुलासे के दौरान भी इस एप के जरिये ड्रग डील किए जाने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस पहले से ही इससे जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही थी। अब गांजा तस्करी में भी इस एप के इस्तेमाल की जानकारी मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। एएसपी ऑपरेशन ऋषभ रूणवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क किन लोगों से हैं, गिरोह को कहां से संरक्षण मिल रहा है और तस्करी के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसकी जानकारी जुटाने के लिए टीमें लगाई गई हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।