निर्माणाधीन एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की जद में आने वाले मकानों पर मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवानों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया। भारी पुलिस बल को देख किसी ने विरोध नहीं किया। राजस्व, पुलिस समेत कई विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में मकानों को धराशायी किया गया।
म्योरपुर में निर्माणाधीन एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के दौरान मुआवजा लेने और आवासों के बन जाने के बावजूद मकान खाली न करने वालों के खिलाफ मंगलवार को प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया। उन्होंने मकानों पर बुलडोजर चलवा कर उन्हें ध्वस्त करा दिया। आधा दर्जन मकानों को गिराए जाने के दौरान उसमें रह रहे लोगों ने अपनी गृहस्थी का सामान समेट कर आवासों में शिफ्ट किया। तहसीलदार बृजेश वर्मा की मौजूदगी में थानाध्यक्ष अश्वनी कुमार त्रिपाठी व कई थानों की फोर्स तथा राजस्व व एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया के लोगों के चिह्नांकन के बाद मकानों के ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू किया। तहसीलदार ने बताया कि रामकिशुन, कासिम, अमीना बेगम, आसिम और लालबहादुर के मकानों को जमींदोज कर दिया गया। मकानों में रखे हुए सामानों को निकालकर उन्हें बाहर कर दिया। इसके बाद प्रशासन के बुलडोजर ने बच्चे और पक्के मकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। कुछ दिन पूर्व एसडीएम दुद्धी शैलेंद्र कुमार मिश्र ने मौके पर आकर तीन दिन में मकानों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने उसी दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा था कि यदि वह मकान स्वयं नहीं हटाएंगे तो प्रशासन बुलडोजर के जरिए हटवा देगा। गृह स्वामियों ने घर खाली नहीं किया तो प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्यवाही करते हुए सभी के मकान गिरा दिए। इस दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के असिस्टेंट जनरल मैनेजर विवेक चंद्रवंशी, कानूनगो बृजलाल मिश्र, लेखपाल अनिल मौर्या समेत बड़ी संख्या में विभिन्न थानों से आए पुलिस व पीएसी के जवान मौजूद रहे।