शक्तिनगर। पावर व कोल प्रोजेक्ट की भूमि पर अतिक्रमणकारियों को हटाने की रणनीति तैयार हो गई है। 30 जून को आंबेडकर नगर व भवानी नगर में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने का कार्यक्रम तय करने के साथ एसडीएम दुद्धी ने मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर दी गई है। कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद संबंधितों में खलबली मची है।
दो हजार मेगावाट क्षमता के एनटीपीसी शक्तिनगर पावर प्लांट का विस्तार प्रस्तावित है। यहां 800- 800 मेगावाट की दो नई यूनिट स्थापित किया जाना है। प्लांट के विस्तार में रोड़ा बने भवानी नगर के 156 वाशिंदों को हटाना है। पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन का कहना है कि यहां लोग अवैध तरीके से कब्जा कर निर्माण किए हैं। इसी तरह एनसीएल के खड़िया कोयला प्रोजेक्ट की जमीन पर काबिज लोगों को भी हटाने की रणनीति बनाई गई है। कोयला ढुलाई के निमित्त यूपी को मध्यप्रदेश से जोड़ने वाली सड़क को फोरलेन किया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के जद में आने वाले 10 अतिक्रमणकारियों के निर्माण ध्वस्त करने की योजना बनाई गई है।
एसडीएम दुद्धी ने 22 जून के आदेश की प्रति एनटीपीसी व एनसीएल के अधिकारियों को भेज कर साफ कर दिया है कि 30 जून को सुबह दस बजे से शुरू होने वाली कार्रवाई के दौरान पावर व कोल प्रोजेक्ट प्रबंधन जरूरी संसाधनों की व्यवस्था तैयार रखेंगे। अतिक्रमण विरोधी इस कार्रवाई के लिए तहसीलदार दुद्धी को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। इस मामले में पिपरी सीओ व शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक को भी जरूरी दिशानिर्देश जारी करते हुए खुद पर्याप्त फोर्स के साथ मौजूद रहने का आदेश जारी किया गया है।