बसपा जिलाध्यक्ष रामचंद्र रत्ना।संवाद
सोनभद्र। बसपा ने एक बार फिर से जिले की कमान रामचंद्र रत्ना को सौंप दी है। पार्टी नेतृत्व ने तीसरी बार उन पर भरोसा जताया है। इससे पहले उन्हें वर्ष 2025 में 105 दिन के लिए और इससे पूर्व वर्ष 2001 में 13 माह के लिए जिले की कमान सौंपी गई थी। डेढ़ साल के भीतर पार्टी स्तर पर यह पांचवां बदलाव है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी संगठन स्तर पर कई निर्णय लिए गए हैं। पूर्व जिलाध्यक्षों को अहम जिम्मेदारियां सौंपने के साथ ही सोशल इंजीनियरिंग फार्मूले को इस बार भी प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है। पिछले वर्ष 19 फरवरी 2025 को रामचंद्र रत्ना को जिलाध्यक्ष बनाया गया था। महज 105 दिन बाद सात जून को रमेश कुशवाहा को जिले की जिम्मेदारी दी गई। 14 जुलाई 2025 को फिर से बी सागर को जिले की कमान सौंप दी गई। 24 दिसंबर 2025 को अनीश भारती को जिलाध्यक्ष बनाया गया। छह माह बाद एक बार फिर से रत्ना पर भरोसा जताया गया है। रामचंद्र रत्ना का कहना था कि वह सदैव पार्टी की रीतियों-नीतियों के साथ रहे हैं। बहन मायावती पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनें यहीं उनका सपना है। इस बार भी वह अपनी जिम्मेदारी पूरी तन्मयता से निभाने की कोशिश करेंगे। प्रेमनाथ गौतम, सियाराम सिंह पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश कुशवाहा, रामविचार गौतम को जिले में संगठनात्मक कार्यों को समय से पूर्ण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं डॉ. ओमप्रकाश मौर्या और प्रेमनाथ गौतम को घोरावल, पूर्व जिलाध्यक्ष कमलेश गोंड और रामलखन देहाती को रॉबर्ट्सगंज, जितेंद्र कुमार और शिव कुमार गोंड को ओबरा, नंदू प्रसाद गौतम और संजय गोंड को दुद्धी विधानसभा का प्रभारी बनाया गया है। बसपा विनोद कुमार उर्फ पप्पू संघर्षी व अरविंद कुमार निषाद को जिले के भाईचारा संगठन का संयोजक बनाया गया है। इसी तरह पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम समाज भाईचारा को मजबूती देने के लिए मंडल स्तर पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।