सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के इमरती कॉलोनी के सामने संचालित अवैध अस्पताल (सिंह हेल्थ केयर) के खिलाफ स्वास्थ्य महकमे की तरफ से एफआईआर दर्ज कराने के लिए दूसरे दिन भी तहरीर नहीं दी जा सकी है। वहीं मृतका के पति ने सामान्य प्रसव का दिलासा देकर घंटों उलझाए रखने, ऑपरेशन के समय लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा की मौत का आरोप लगाते हुए तहरीर पुलिस को दी है। पुलिस ने इस पर रिपोर्ट सीएमओ को भेजते हुए अस्पताल की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अविलंब उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। घटना को लेकर परिवार के लोगों में दूसरे दिन भी गुस्से की स्थिति बनी रही। पोस्टमार्टम हाउस पर देर तक परिजनों, रिश्तेदारों का जमावड़ा रहा। परिजनों का कहना था कि मेडिकल कॉलेज स्थित प्रसव केंद्र में नौ जुलाई को प्रसूता को दिखाने के बाद जैसे ही वह लोग बाहर निकले दलालों ने घेर लिया। काफी कम पैसे में सामान्य प्रसव कराने का झांसा देकर सिंह हेल्थ केयर ले जाया गया। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बेलखुरी निवासी प्रसूता के पति राजेश कुमार ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर भी सौंपी। कहा कि अस्पताल के संचालक और कर्मचारी लगातार सामान्य प्रसव का आश्वासन दे रहे थे। वह और उनके बड़े भाई ने कई बार कहा कि दिक्कत हो रही तो किसी दूसरे अस्पताल ले जाएं लेकिन सब कुछ नियंत्रण में होने का भरोसा दिया जाता रहा। इसके लिए उनसे 15 हजार रुपये भी लिए गए। अगले दिन सुबह नौ बजे ऑपरेशन किया गया। इस दौरान बच्चे की मौत हो गई। वहीं उसकी पत्नी मीना की भी हालत गंभीर हो गई। आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर वाराणसी भेजा गया। साथ में अस्पताल के एक कर्मचारी को भी भेजा गया। वहां पहुंचने के बाद उन्हें छोड़कर साथ गए लोग भाग निकले। डाफी स्थित हॉस्पिटल में जाने पर डॉक्टर ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। उससे कहा गया कि उसकी मृत्यु पहले ही हो चुकी है। फोन पर उसने तत्काल इसकी जानकारी बड़े भाई रमेश को दी। वह सिंह हेल्थ केयर पहुंचे तो वहां ताला जड़ा मिला। तहरीर में हॉस्पिटल संचालक, डॉक्टर और कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग की गई है। कोतवाली प्रभारी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि मृतका के पति की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी गई है। अस्पताल की जांच-पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।