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Sonebhadra News: सैकड़ों शिक्षकों की टूटी आस, नहीं जा सकेंगे घर के पास

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सोनभद्र। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी अंतर जनपदीय तबादले की सूची ने शिक्षकों को करारा झटका दिया है। वर्षों से घर के पास जाने का इंतजार कर रहे कई शिक्षकों के अरमान टूट गए हैं। पात्रता के बावजूद उन्हें तबादला से वंचित कर दिया गया है। किसी के आवेदन को सत्यापन में खारिज किया गया तो किसी को नियमों का हवाला देकर अपात्र करार दिया गया है। तबादले से वंचित हुए शिक्षक अब बीएसए कार्यालय और निदेशालय का चक्कर लगा रहे हैं तो कुछ अपने भाग्य को कोस रहे हैं।
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जिले से कुल 1602 शिक्षकाें ने अंतर जनपदीय तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें 62 शिक्षकों ने असाध्य बीमारी का हवाला दिया था। सत्यापन में 49 शिक्षकों के आवेदन को असाध्य बीमारी की श्रेणी में न मानते हुए खारिज कर दिया। शेष शिक्षकाें में से 437 का नाम तबादले सूची में शामिल किया है। करीब 1100 शिक्षक मायूस हुए हैं। इनमें तमाम शिक्षक ऐसे हैं, जिनकी योग्यता तबादले का लाभ पाने वाले दूसरे शिक्षकों से अधिक या समकक्ष है। बावजूद उन्हें अयोग्य बताया गया है।
केस एक : घोरावल के प्राथमिक विद्यालय औराही में तैनात प्रधानाध्यापक अनारकली ने प्रयागराज में तबादले के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उन्होंने अपनी पांच वर्षीय दिव्यांग बेटी की बीमारी का हवाला दिया था। पूरी तरह अशक्त बेटी की बीमारी को विभाग ने असाध्य न मानते हुए उनके आवेदन को खारिज कर दिया, जबकि उन्होंने सीएमओ से बेटी के स्वास्थ्य से संबंधित सत्यापित प्रमाण पत्र भी संलग्न किया था।
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केस दो : करमा ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय मुबारकपुर में प्राथमिक संवर्ग में सहायक अध्यापक पद पर तैनात मुहम्मद वसीम खां स्पाइनल कार्ड की समस्या से ग्रसित हैं। बिना सहारे के चलने-फिरने में अशक्त वसीम खां ने तबादले के लिए अपनी बीमारी का हवाला देते शाहजहांपुर के लिए आवेदन किया था। बावजूद उनका तबादला नहीं हुआ।
केस तीन : चोपन ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय करवनिया में तैनात ओमप्रकाश का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और जूनियर के सहायक अध्यापक का पद समान है, बावजूद उसे मान्य नहीं किया गया है। कुछ ऐसी ही स्थिति कंपोजिट विद्यालय मुबारकपुर में तैनात राधेश्याम की भी है। वह वर्ष 2009 बैच के शिक्षक हैं। सहायक अध्यापक बनकर वह पछता रहे हैं।
केस चार : घोरावल ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय पिपरी में तैनात हेमंत पांडेय ने वाराणसी में तबादले के लिए आवेदन किया था। वर्ष 2016 बैच के शिक्षक हेमंत की बायपास सर्जरी हुई है। संबंधित अस्पतालों से जारी रिपोर्ट भी आवेदन के साथ संलग्न था, मगर मेडिकल टीम ने उन्हें असाध्य रोग की श्रेणी में नहीं माना है।
आज से शुरू होगा सत्यापन
फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर भारांक प्राप्त करने की शिकायतों के बाद शासन ने इसका सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। तबादला सूची में शामिल शिक्षकों को कार्यमुक्त होने से पहले सीडीओ की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष अपने प्रमाण पत्रों का विस्तृत परीक्षण कराना होगा। समिति में बीएसए सदस्य सचिव होंगे। इनके अलावा सीएमओ, सीएमएस और जिलाधिकारी की ओर से नामित एक जिला स्तरीय अधिकारी सदस्य हाेंगे। शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का सभी बीएसए को निर्देश दिया है।
तबादले की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन थी। शिक्षकों की ओर से प्रस्तुत प्रमाण पत्रों के आधार पर भारांक निर्धारित करते हुए शासन स्तर से तबादला सूची जारी की गई है। अगर किसी ने गलत तथ्य रखा होगा तो सत्यापन में पकड़े जाने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - हरिवंश कुमार, बीएसए।
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