मारकुंडी मुख्य राज मार्ग से जिला कारागार गुरमा जाने वाले मुख्य मार्ग पर घाघर नदी पर बना पुल वाहन के धक्के से क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं छह दशक पुराने पुल के रेलिंग जीर्ण शीर्ण अवस्था में होने से हादसे की आशंका जताई जा रही है। क्षतिग्रस्त पुल का मरम्मत कराए जाने की लोगों ने मांग की।
घाघर नदी पर बना पुल राजकीय चुर्क सीमेंट फैक्ट्री के संचालन के दौरान 1960 में बना था। पुल पूरी तरह जर्जर हो गया है। शुक्रवार की रात में भारी वाहन के टक्कर से पुल की रेलिंग और भी क्षतिग्रस्त हो गई है। बोल्डर की दरारें दिखने लगी हैं। इससे भारी वाहनों के आवागमन से रात दिन खतरा बना रहता है। इसी रास्ते से जिला कारागार के बंदियों एवं आला अधिकारियों के वाहनों का आवागमन होता रहता है, मगर किसी भी अधिकारी का ध्यान इस ओर नहीं गया। पुल से भारी वाहनों के आवागमन का वर्जित बोर्ड भी लगा हुआ है। इसके बावजूद भारी वाहनों का आवागमन जारी है। क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य तेजधारी यादव, प्रधान उधम सिंह यादव, प्रधान श्रवण कुमार, पूर्व प्रधान मदन मोहन आदि ने विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कार्रवाई किए जाने की मांग की है।