रॉबर्ट्सगंज में पीडीए जन पंचायत को संबोधित करते सांसद बाबू सिंह कुशवाहा। संवाद
सोनभद्र। जन अधिकार पार्टी के संस्थापक और जौनपुर के सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने भाजपा सरकार पर पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और आदिवासी समाज को अधिकारों से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। रॉबर्ट्सगंज के चंडी होटल स्थित एक पैलेस में आयोजित सपा की पीडीए जन पंचायत में बतौर मुख्य अतिथि कुशवाहा ने सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना और संविधान की रक्षा को लेकर पीडीए समाज की एकजुटता का आह्वान किया। इसके लिए 2027 में यूपी में सपा की सरकार बनाने की जरूरत बताई। बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई पुरानी है। पीडीए समाज को सम्मान दिलाने के लिए समाज के महापुरुषों ने जो लड़ाई लड़ी, उसे भाजपा सरकार कमजोर करने पर तुली हुई है। भाजपा सरकार किसानों, नौजवानों, मजदूरों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। लोकतंत्र में वोट की ताकत से राजा चुना जाता है, मगर यह सरकार आम जनता से यह ताकत छीनने की कोशिश कर रही है। अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी है कि अखिलेश यादव को 2027 में यूपी की सत्ता सौंपी जाए। इसके लिए 51 प्रतिशत वोटों की हिस्सेदारी चाहिए होगी। सभी कार्यकर्ता गांव-गांव, घर-घर जाकर हर वर्ग से संपर्क करते हुए पीडीए समाज को एकजुट करें। विशिष्ट अतिथि रॉबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि देश-प्रदेश का माहौल खराब हो चुका है। माता-पिता अपने अरमानों को गिरवी रखकर बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाते हैं और जब परीक्षाएं होती है तो पेपर लीक हो जाता है। किसान, नौजवान, महिला, व्यापारी हर तबका इस सरकार से तंग आ चुका है। जनता के इस आक्रोश को वोट में बदलने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी निभानी होगी। सपा जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव ने कहा कि संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए पीडीए की एकजुटता जरूरी है। पीडीए की एकता से ही सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती मिलेगी। जन पंचायत में जन अधिकार पार्टी के प्रदेश प्रमुख महासचिव डॉ. भागीरथी सिंह मौर्य, आदित्य मौर्य, वेदमणि शुक्ला, सुमंत सिंह मौर्य, चौधरी यशवंत सिंह पटेल, रवि रंजन शाक्य, मुनीर अहमद, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, रमेश चंद दुबे, परमेश्वर दयाल, सपा जिला उपाध्यक्ष डॉ. लोकपति सिंह पटेल, रवि सिंह गोंड बडकू, जयप्रकाश उर्फ चेखुर पांडेय, संजय यादव, विजय यादव, अनिल यादव, रमेश यादव, अनिल प्रधान, रविंद्र बहादुर सिंह पटेल, मोहन कुशवाहा, श्याम बिहारी यादव, मुश्ताक अहमद आदि मौजूद रहे। संचालन मोहम्मद सईद कुरैशी ने किया।