सोनभद्र में वाराणसी ले जाई जा रही गांजा की खेप के साथ पकड़े गए बिहार के चाचा-भतीजा गैंग के सदस्
सोनभद्र। बिहार का चाचा-भतीजा गैंग वाराणसी में गांजे की खेप पहुंचवा रहा है। पिछले सप्ताह हत्थे चढ़े तीन अंतरराज्यीय तस्करों से पूछताछ और जांच में इसका खुलासा होने के बाद पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है। चिह्नित किए गए आरोपियों के साथ ही, गैंग से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। तस्करी में शामिल आरोपियों के धर-पकड़ के भी निर्देश दिए गए हैं।गत 20 अगस्त को भोजपुर (बिहार) जिले के आरा क्षेत्र के रहने वाले राजकुमार पासवान, विकास राय और विनोद साव को बिना नंबर प्लेट की कार से गांजा लेकर वाराणसी जाते समय पकड़ा गया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि वे ओडिशा के फुलवारी से गांजा लेकर आ रहे हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस को वहां के जंगल क्षेत्र में इसका काला कारोबार फलने-फूलने की जानकारी मिली थी। इस आधार पर जांच में जुटी टीमों को पता चला कि इस गिरोह को बिहार का चाचा-भतीजा गैंग चला रहा है। इस गिरोह का मुख्य केंद्र आरा है। तस्करी की डील के साथ ही इसके परिवहन तक दोनों काम चाचा-भतीजा खुद देखते हैं। गांजा खरीद की डील होने के कारण ओडिशा के तस्कर को ऑनलाइन रकम भेज दी जाती है। इसके बाद दो-तीन व्यक्तियों की एक टीम बगैर नंबर वाली कार के साथ ओडिशा भेजी जाती है। उनके पीछे चाचा-भतीजे भी वहां पहुंचते और कार के आगे-आगे अपना वाहन लेकर गांजा लदे वाहन में बैठे व्यक्तियों को रास्ते की स्थिति, पुलिस की मौजूदगी-चेकिंग आदि के बारे में जानकारी देते रहते हैं। पकड़े गए आरोपियों ने भी पूछताछ में पुलिस को चाचा-भतीजा गैंग के बारे में कई अहम जानकारियां दी लेकिन उनका पता और उन्होंने अपना मुख्य अड्डा कहां बना रखा है? इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। पुलिस टीमें इसकी जानकारी जुटाने में लगी हुईं हैं।