सोनभद्र। जिले में 18 अक्तूबर से शुरू हो रहे संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान का आशा बहिष्कार सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगी। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। सोमवार को संगठन की जिलाध्यक्ष मंजूलता मौर्या ने बताया कि 2017 में चुनाव के दौरान भाजपा ने प्रदेश में सरकार बनने पर आशा, आशा संगिनी को नियमित मानदेय वेतन देने का वादा किया था। लेकिन अभी इस संबंध में कुछ निर्णय नहीं लिया गया। प्रोत्साहन राशि बढ़ाया गया, लेकिन वह भी सही तरीके से नहीं दिया गया और बंदरबांट कर दिया गया। कहा कि दो साल कोविड महामारी में आशा व आशा संगिनी कार्य किए, उसका श्रेय भी उन लोगों को नहीं मिला और न ही हम लोगों को प्रोत्साहित ही किया गया। जब से आशा को स्वास्थ्य विभाग के कार्य में लिया गया तब से शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। मांगे पूरी न होने की स्थिति आशाएं सोमवार से शुरू हो रहे संचारी रोग अभियान का बहिष्कार करेंगी। उन्होंने संगठन के लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।