एंबुलेंस न मिलने पर गर्भवती महिला बबिता को रिक्शा ट्राली से दुद्धी सीएचसी लेकर जाते परिजन।
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आकस्मिक चिकित्सा के लिए संचालित एंबुलेंस सेवा का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। शनिवार को गर्भवती को अस्पताल ले जाने के लिए परिजन ढाई घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। विवश होकर गर्भवती को ठेला पर अस्पताल पहुंचना पड़ा। मामला धनौरा गांव का है।
धनौरा गांव निवासी सुशील कुमार की पत्नी बबीता देवी (26) गर्भवती है। सास जमुनी देवी ने बताया कि शनिवार की शाम बहू को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो एंबुलेंस बुलाने के लिए 108 नंबर डायल किया गया। कई बार संपर्क के बाद हर बार चालक जल्द आने की बात ही कहता रहा। बहू दर्द से छटपटा रही थी। ढाई घंटे इंतजार के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई, तब पड़ोसी के रिक्शा ट्राली पर बबीता को लेकर अस्पताल पहुंचे।
इस बाबत सीएचसी अधीक्षक दुद्धी डॉ. शाह आलम ने कहा कि मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर एंबुलेंस के जिला प्रभारी से वार्ता कर कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। इसके पूर्व भी ऐसी घटना हुई है। इस मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराएंगे।