सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलित डिप्लोमा इंजीनियर्स ने 22 सूत्री मांगों के समर्थन में नारे लगाए। सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि शासन से जारी स्थानांतरण नीति की अनदेखी कर प्रमुख अभियंता मनमाने ढंग से तबादले कर रहे हैं। इसकी आड़ में जेई को प्रताड़ित किया जा रहा है। विभाग के अधिकारी जूनियर इंजीनियर से द्वेषभाव रखते हुए चरित्र पंजी समय से नहीं लिख रहे हैं।
जिस कारण एसीपी, पदोन्नति, स्थाईकरण एवं राजपत्रित प्रतिष्ठा आदि सेवा संबंधी प्रकरण वर्षों से लंबित हैं। बांदा जिले में कार्यरत जेई विकास कुमार की मध्य प्रदेश के मझगांय नहर कोठी में संदिग्ध मृत्यु हो गई है। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर पीड़ित परिवार को असाधारण पेंशन एवं सभी जेई के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
धरने में इं. रामप्रवेश पाल, इं. राकेश कुमार, इं. विकास तिवारी, इं. सूर्यमणि यादव, इं. रामटहल, इं. आनंद कुमार, इं. ब्रजेश त्रिपाठी, इं. चंद्रजीत, इं. मिथिलेश, इं. ज्ञानेश, इंं. मुकेश कुमार आदि शामिल रहे। संचालन जिला सचिव आलोक सिंह और अध्यक्षता जिलाध्यक्ष इं. संजय विश्वकर्मा ने किया।