मंगल टीका लगने के बाद कोरोना संक्रमण का खतरा कम हो गया है लेकिन अब देश में मंकी पॉक्स संक्रमण ने पांव फैलाना शुरू कर दिया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य महकमे ने कमर कस ली है। सीएमओ ने सभी पीएचसी-सीएचसी प्रभारियों को सतर्कता बरतते हुए मरीज मिलने पर तत्काल सूचना देने के लिए निर्देशित किया है। मंकी पॉक्स प्रभावित देशों से लौटने वालों की निगरानी की जाएगी।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों को मंकी पॉक्स के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सतर्कता बरतने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। मंकी पाक्स से प्रभावित देशों की यात्रा कर लौटने वालों पर निगरानी रखी जाएगी। सीएची और पीएचसी प्रभारियों को अगर अस्पतालों में बुखार के मरीजों में मंकी पाक्स के लक्षण मिलते हैं तो उसकी सूचना उच्चाधिकारियों को देने के लिए निर्देशित किया गया है। संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच रिपोर्ट आने तक मरीज को क्वारंटाइन किया जाएगा। हालांकि अभी तक जिले में मंकी पॉक्स जांच की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए सैंपल को जांच के लिए अन्यत्र भेजा जाएगा।
ये है मंकी पॉक्स के लक्षण
स्वास्थ्य कर्मियों की मानें तो मंकी पॉक्स संक्रमण एक वायरस से होता है। इसमें भी स्माल पाक्स की तरह ही लक्षण दिखाई देते है और तेज बुखार हो सकता है। सिरदर्द की शिकायत, त्वचा पर लाल चकत्ते या फफोले दिखाई देते हैं और शरीर में कमजोरी महसूस होती रहती है। अधिकांश मरीजों के बदन की गांठों में सूजन आना भी इसका लक्षण है। वहीं इस संक्रमण से ग्रसित मरीज में मांस पेशियों व पीठ में दर्द की समस्याएं भी होती है।
मंकी पॉक्स को लेकर विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। सभी सीएचसी-पीएचसी को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। मरीजों में मंकी पॉक्स के लक्षण प्रतीत होने पर उनका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने को कहा गया है। मंकी पॉक्स से प्रभावित देशों से लौटने वालों की जांच कराई जाएगी। हालांकि अभी तक जिले में इस संक्रमण का कोई मरीज नहीं मिला है। - डॉ. रमेश सिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्साधिकारी सोनभद्र।