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जिले में बाढ़ से निबटने की तैयारी मे जुटा प्रशसान

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सोनभद्र। आगामी दिनों मे होने वाली बारिश को देखते हुए अभी से प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन ने सोन समेत अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही हर साल कई गांवों में बाढ़ आ जाती है। इसी कारण जिले में बाढ़ चौकियों को भी स्थापित करने की पहल की जा रही है। कलक्ट्रेट में बाढ़ नियंत्रण कक्ष खुलेगा। बारिश के बाद बाढ़ की आशंका को देखते हुए एहतियातन प्रशासन ने ये कदम उठाए हैं। गौरतलब हो कि 15 जून से बारिश का मौसम शुरू होता है। बरसात अच्छी हुई तो सोन, बेलन, बकहर, रेणु, कनहर, मलिया, घाघर, बिजुल नदीं का जलस्तर भी बढ़ता है, जिससे बाढ़ प्रभावित 50 से अधिक गांवों में फिर से संकट खड़ा हो जाता है। बरसात के दिनों में पहाड़ों पर बारिश होने के बाद ज्यादातर पानी नदियों में आता है। इससे बाढ़ की स्थिति बन जाती है। सोन नदी व बेलन नदी का जलस्तर बढने से राबर्ट्सगंज विकास खंड के सबसे अधिक गांव प्रभावित होते हैं। सोन नदी में अत्यधिक वर्षा होने तथा रिहंद व बाण सागर बांध से पानी छोड़े जाने पर का जलस्तर 171.00 मीटर हो जाने पर चोपन विकास खंड के कई गांव प्रभावित होते हैं। मानसून को नजदीक आता देख जिला प्रशासन बाढ़ से निपटने की तैयारी में जुट गया है। डीएम अभिषेक सिंह ने कलेक्ट्रेट में बाढ़ नियन्त्रण कक्ष की स्थापना तथा बंधी प्रखंड द्वितीय राबर्ट्र्सगंज कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष 15 जून से 15 अक्टूबर तक स्थापित करने का निर्देश दिया है। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने सभी तहसीलों के एसडीएम को बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित गांवों की सूची तैयार करा कर मुहैया कराने का निर्देश दिया है। योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ से निबटने की तैयारियां पूरी कर ली गई है। कलेक्ट्रेट में बाढ़ नियन्त्रण कक्ष तथा बंधी प्रखंड द्वितीय राबर्ट्र्सगंज कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष 15 जून से 15 अक्तूबर तक स्थापित रहेगा। जरूरत के अनुसार बाढ़ चौकियां भी स्थापित की जाएंगी।
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