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Sonebhadra News: सोशल मीडिया से दूर रहे अभिनव, खुद से पढ़कर पाई सफलता

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दसवीं की परीक्षा में 99.2 प्रतिशत अंक पाकर टॉपर बने अभिनव जायसवाल सोशल मीडिया से दूर हैं। वह मोबाइल का इस्तेमाल केवल ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई में करते हैं। अभिनव ने कोई कोचिंग नहीं ली। वह स्कूल से लाैटने के बाद नियमित खुद से पढ़ते थे। नियमित पढ़ाई ही उनकी सफलता का आधार बनी।
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संत जोसेफ स्कूल रिहंद नगर के छात्र अभिनव कुमार के पिता विनोद जायसवाल बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। इससे पहले वह 2002 से 2018 तक बतौर शिक्षा मित्र सेवा देते रहे। वर्तमाल में उनकी तैनाती कंपोजिट विद्यालय मेझरवट में हैं। मां पार्वती जायसवाल गृहिणी और दादा रमाकांत जायसवाल कोटेदार हैं। बड़ी बहन निधि बीकॉम की पढ़ाई कर रही हैं।
अभिनव ने बताया कि माता-पिता के साथ शिक्षकों का मार्गदर्शन उनका मददगार बना। उन्होंने रूटीन तय किया था कि रोजाना स्कूल से आने के बाद वह पाढ़ दोहराना है, जिसे स्कूल में पढ़ाया गया। इसके अलावा अगले दिन के लिए भी तैयारी करते थे। इससे एक बार में ही सारे चीजें स्पष्ट हो जाती थीं। कभी ट्यूशन, कोचिंग की जरूरत ही नहीं पड़ी।
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विशेष स्थिति में वह मोबाइल पर ऑनलाइन माध्यम से भी पढ़ते थे। अभिनव का लक्ष्य इंजीनियर बनना है। इसके लिए वह जेईई की तैयारी में भी जुटे हैं। बताते हैं कि अगर मन से घर पर ही पढ़ा जाय तो अच्छे अंक पाए जा सकते हैं। तनाव से दूर रहकर पढ़ाई जरूरी है।

इंजीनियर बनना हैं सयूरी का सपना
सेंट जोसेफ स्कूल में दसवीं की परीक्षा में 97.2 प्रतिशत अंक पाने वाली सयूरी खरे के पिता एनटीपीसी रिहंद में एजीएम हैं, जबकि मां गुंजा गृहिणी हैं। पिता की तरह ही वह बीटेक की पढ़ाई कर साफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती हैं। इसके लिए अभी से तैयारी में भी जुटी हैं। उन्होंने सफलता का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को दिया।
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