शाहगंज। श्री कृष्ण सेवा समिति जमंगाव की ओर से आयोजित भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक पंडित अरुण कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हम सभी का जीवन क्षणिक है। उस ज्ञान रूपी परमात्मा की प्राप्ति के बाद ही हमारा जीवन सार्थक है। जिस प्रकार राजा परीक्षित को सातवें दिन मृत्यु का श्राप मिला था। उसी प्रकार हम मानव जीवन की भी यात्रा सातवें दिन ही समाप्त होती है। कथा का उद्देश्य मानव जीवन में नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर सकारात्मक ऊर्जा को जागृत करना है। भागवत कथा लोगों में आपस में प्रेम, भाईचारे को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर महेश दत्त उपाध्याय, वीरेंद्र कुमार मौर्या, बाबूलाल समेत अन्य मौजूद रहे।